Wednesday, May 23, 2012

जनता , कांग्रेस और भाजपा


जनता 
"लोकपाल लाओ लोकपाल लाओ" 
कांग्रेस 
"भाजपा सहमत नहीं है" 
जनता भाजपा से 
"लोकपाल लाओ "
भाजपा 
"हमारी सरकार बनवाओ" 
जनता 
"मंहगाई इतनी अधिक क्यूँ हैं  "
कांग्रेस 
"तेल की कीमते बढ़ रही हैं अंतर रास्ट्रीय बाजार में" 
जनता 
"रुपये की कीमत क्यूँ घट रही है" 
कांग्रेस 
आ कक ल नं नाम जक बन जज क्सक्सक्स ल उद 
जनता को कुछ भी समझ नहीं आया 
भाजपा चुप है 
जनता 
"पेट्रोल की कीमत फिर से क्यूँ बढाई" 
कांग्रेस 
"सरकार चलाना इतना आसान  नहीं है सब कुछ देख कर चलना पड़ता है "
जनता 
"फिर सरकार क्यूँ बनाई  अगर चला नहीं सकते "
भाजपा चुप है उसे लग रहा है की इन दोनों के झगड़े में मेरी बन जायेगी 
कांग्रेस 
"कोई जरूरी नहीं की हम हर बात का जवाब दे 
और सरकार हमने  बनाई जब तुमने बनवाई "
जनता खीझ  कर रह गयी 
भाजपा और खुश अबकी तो लग रहा है बन ही जायेगी 
जनता 
"तुम लाख लाख करोड़ के घोटाले करते हो अगर हिसाब नहीं रख सकते तो इतना क्यूँ देते हो लोगों को "
कांग्रेस 
वी  बीलिव इन बींग पोसिटिव 
जनता 
"घोटालों की जांच कराते हो जब रिपोर्ट आती है  तो स्थगित कैसे कर देते हो "
कांग्रेस 
"पैसे किसने दिए "
जनता 
"तुम ने "
कांग्रेस 
"जांच किस ने करायी "
जनता 
"तुम ने "
कांग्रेस 
"तो हमने स्थगित भी कर दिया "
जनता 
लेकिन पैसा तो मेरा था 
कांग्रेस 
"तो तुम्हारे लिए ही तो हजार हजार करोड़ की स्कीम बनाते हैं "
जनता 
"लेकिन हम तक तो कुछ पहुंचता नहीं "
भाजपा काफी देर बाद जैसे नींद से जागी है 
"कांग्रेस  चोर है "
जनता 
"अब कांग्रेस  को नहीं जिताना है "
भाजपा खुश 
जनता भाजपा से 
"हम तुम्हे जिताएंगे प्रधान मंत्री कौन बनेगा "
भाजपा 
"कोई भी बने हमें बनाना है 
तुम से क्या "
जनता 
हम तुम्हे  नहीं जिताएंगे 
भाजपा 
"जाओ फिर कांग्रेस  के पास 
भीगा भीगा कर मारेगी "
जनता मुह झुकाए खड़ी है 
जनता 
" आई पी एल  सुरु हो गया भागो जल्दी चलो जल्दी चलो  "


2 comments:

  1. :-)

    कड़वा सच..............बखूबी व्यक्त किया..

    अनु

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