Tuesday, August 24, 2010

आम आदमी

( एक आम आदमी सरकारी अस्पताल में घंटों लाइन लगाने के बाद आखिरकार डॉक्टर तक पहुँचता है  )

डॉक्टर : कुछ देर रुको ,मै अभी आता हूँ मेरे घर पर कुछ रिश्तेदार आयें हैं |

आम आदमी : साहब, मै कुछ देर और रुका तो शायद आप को दिखाने  कि जरूरत ही न रहें |

डॉक्टर (गुस्साते हुए ) :फिर तो और अच्छा है ,तुम्हारा भी वक़्त बचेगा और मेरा भी | जल्दी बताओ क्या परेशानी  है तुम्हे ?

आम आदमी : कमजोरी  रहती है ,चक्कर आते हैं  ,बदन दर्द करता है ,दो दिन से पेट भी ख़राब है ,कभी कभी सर में भी दर्द  होता है और |

(बीच में टोकते हुए ) डॉक्टर :  मैंने तुम से बीमारियों के नाम नहीं पूंछे हैं | क्या करते हो तुम  ?

आम आदमी : साहब आम आदमी हूँ  ,आज कल बेरोजगार हूँ  |

डॉक्टर : फिर ठीक है ,संभव है |
            मै कुछ विटामिन्स कि दवाइयां लिख देता हूँ जाके ले लेना और दोबारा मत आना
            जब भी ये परेशानी  हो तो यही दवा  ले लेना तुम जैसे लोग ही यहाँ बार बार आते
            रहते हैं |
आम आदमी : साहब ये दवा  कितने तक मिल जायेगी  |

डॉक्टर : एक खुराक १०० रुपये |

आम आदमी : साहब ,दो दिन से खाना नहीं खाया ,बीवी बीमार थी महीने भर से उसकी दवा चल रही है, एक नौकरी थी वो भी छूट  गयी  मै ये दवा कहाँ से खरीदूंगा |

डॉक्टर : तो अब तुम क्या चाहते हो?  सरकार  मुफ्त इलाज  देती है , मुफ्त दवा देती है अब विटामिन्स की  गोलियां भी बांटे     |

आम आदमी : साहब , सरकार की  बात मत करो ,आप बड़े लोग हैं आपको दिया होगा सरकार ने और आपने सरकार को |
                  हमें तो सरकार ने कुछ दिया है तो भूंख,बेरोजगारी और मंहगाई  |
                  और भाषण जो अब आप दे रहें हैं  |
 अगर आप कुछ दे सकते हैं तो ऐसी दवा दीजिये की  मुझे हफ्तों -  महीनों भूंख न लगे और मै कुछ काम कर सकूं अपने लिए और अपने परिवार के लिए |

डॉक्टर : मै मर्ज का इलाज़ करता हूँ, तुम जा सकते हो |

आम आदमी : हाँ जाता  हूँ ,शुक्र है ,आम आदमी के लिए अभी तक भगवान् तो हैं |

    
    

4 comments:

  1. शुक्र है ,आम आदमी के लिए अभी तक भगवान् तो हैं |
    सच है आम आदमी भगवान के भरोसे ही तो जीवित है .. रक्षाबंधन की बधाई और शुभकामनाएं !!

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  2. उफ़्……………आम आदमी की यही त्रासदी है।
    रक्षाबंधन की बधाई

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